उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के औषधि विभाग ने पिछले दो दिनों में छह जिलों में 11 फर्मों और उनके संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसके साथ ही अब तक कुल 98 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।
नशीली दवाओं पर कसा शिकंजा
अवैध भंडारण, खरीद–फरोख्त, वितरण और गैर-चिकित्सीय उपयोग के लिए गंभीर रूप से दुरुपयोग की जा रही कोडीनयुक्त कफ सिरप और अन्य नॉरकोटिक्स दवाओं पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। छापेमारी के दौरान इस कारोबार में शामिल एक सिंडिकेट का भी खुलासा हुआ है, जो इन प्रतिबंधित दवाओं को नशे के रूप में इस्तेमाल कर रहा था।
इन 11 फर्मों और संचालकों पर दर्ज हुई FIR
जौनपुर, भदोही, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी और प्रयागराज में निम्नलिखित फर्मों पर मामला दर्ज किया गया है—
- वान्या एंटरप्राइज (विशाल उपाध्याय)
- आकाश मेडिकल स्टोर (आकाश मौर्य)
- मनीष मेडिकल स्टोर (अरुण सोनकर)
- शिवम मेडिकल स्टोर (शिवम कुमार मौर्य)
- राजेंद्र एंड संस (आंशिक गुप्ता)
- दिलीप मेडिकल स्टोर (दिलीप कुमार)
- मां कृपा मेडिकल स्टोर (सत्यम कुमार)
- शिविष्क फार्मा (विजय गुप्ता)
- पीयूष मेडिकल एजेंसी (सरोज कुमार मिश्रा)
- एमके हेल्थकेर (मो. सैफ)
- बिना नाम का मेडिकल स्टोर (नीरज कुमार दीक्षित)
अब तक कहाँ-कहाँ दर्ज हुए मुकदमे?
- वाराणसी – 28
- जौनपुर – 16
- कानपुर नगर – 8
- लखीमपुर खीरी – 4
- लखनऊ – 3
- अन्य जिले – 39
मास्टरमाइंड गिरफ्तार
इस मामले के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। वह विदेश भागने की कोशिश में था। भोला प्रसाद, कुख्यात ड्रग माफिया शुभम जायसवाल का पिता है। सोनभद्र पुलिस ने आरोपी के ट्रांजिट रिमांड के लिए कोलकाता में आवेदन कर दिया है।
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