देशभर में इंडिगो की उड़ानों में लगातार हो रही देरी, रद्दीकरण और ऑपरेशनल गड़बड़ियों के बीच केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। यात्रियों की भारी परेशानियों को देखते हुए सिविल एविएशन मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए DGCA के फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) ऑर्डर को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम एयर सेफ्टी से समझौता किए बिना, केवल लोगों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है, खासकर सीनियर सिटीजन्स, छात्रों, मरीजों और आवश्यक यात्रा पर निर्भर यात्रियों को ध्यान में रखते हुए।
फ्लाइट संचालन जल्द होगा सामान्य
मंत्रालय ने बताया कि ऑपरेशनल संकट से निपटने के लिए कई आपातकालीन कदम तुरंत लागू कर दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक:
- 24 घंटे के भीतर उड़ान संचालन में सुधार दिखेगा,
- कल तक शेड्यूल काफी हद तक सामान्य हो जाएगा,
- और अगले तीन दिनों में सेवाएं पूरी तरह स्थिर हो सकती हैं।
यात्रियों के लिए नए दिशा-निर्देश और सुविधाएं
- रियल-टाइम अपडेट अनिवार्य
एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वे ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को नियमित और सटीक फ्लाइट अपडेट दें, ताकि लोग घर बैठे स्टेटस चेक कर सकें।
- फ्लाइट कैंसिल होने पर ऑटोमैटिक फुल रिफंड
यदि कोई उड़ान रद्द होती है, तो एयरलाइन स्वतः पूर्ण रिफंड जारी करेगी। यात्रियों को अलग से अनुरोध करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- अधिक देरी पर होटल सुविधा
लंबी देरी की स्थिति में एयरलाइंस यात्रियों को होटल में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराएंगी।
- वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों को प्राथमिकता
उन्हें विशेष सहायता, प्राथमिकता बोर्डिंग और लाउंज एक्सेस देने का निर्देश दिया गया है।
- देरी से प्रभावित यात्रियों को रिफ्रेशमेंट
फ्लाइट लेट होने पर एयरलाइन को यात्रियों को रिफ्रेशमेंट और अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।
इंडिगो संकट की उच्च स्तरीय जांच शुरू
सरकार ने साफ किया है कि इंडिगो की सेवाओं में आई गड़बड़ियों की हाई-लेवल जांच की जाएगी।
जांच में पता लगाया जाएगा:
- संकट की मुख्य वजह क्या थी
- किस स्तर पर लापरवाही या चूक हुई
- किन पर जवाबदेही तय होगी
- और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या नई नीति नियम बनाए जाएं






