रांची के बार-रेस्तरां में नियमों की धज्जियाँ, देर रात तक चल रहा संचालन

By Neha

Updated On:

Date:

रांची के बार-रेस्तरां में नियमों की धज्जियाँ, देर रात तक चल रहा संचालन

रांची: राजधानी रांची सहित झारखंड के कई जिलों में संचालित हो रहे बार, लाउंज और रेस्तरां में नियमों की अनदेखी लगातार सामने आ रही है। तय प्रावधानों के अनुसार इन प्रतिष्ठानों को रात 12 बजे तक ही खुला रखने की अनुमति है, लेकिन कई स्थानों पर समय सीमा का पालन नहीं किया जाता। विभाग की जांच रिपोर्टों में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है।

लापरवाही हादसों की बनती है वजह

बार, लाउंज या रेस्तरां खोलने के लिए विभाग द्वारा मंज़ूर किया गया ब्लू प्रिंट अनिवार्य होता है। इस नक्शे में पूरे संचालन का विवरण दर्ज होता है। कितने काउंटर होंगे, बैठने की व्यवस्था कैसी होगी और सुरक्षा मानकों का पालन किस तरह किया जाएगा। हालांकि, उत्पाद विभाग की टीम द्वारा की गई पिछली जांच से स्पष्ट हुआ कि कई संचालक मंज़ूर ब्लू प्रिंट के मुताबिक जगह का उपयोग नहीं करते। यही लापरवाही अनेक हादसों की वजह बनती है।

कमजोर मॉनिटरिंग का फायदा उठाकर उल्लंघन

विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण तय मानकों के अनुसार नियमित निगरानी भी संभव नहीं हो पाती। वहीं नियमों का पालन करने में अतिरिक्त खर्च होने से कई संचालक विभाग की कमजोर मॉनिटरिंग का फायदा उठाकर उल्लंघन करते रहते हैं।

जांच में सामने आई लापरवाही

इसके अलावा, बार और रेस्तरां परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का फुटेज हर सप्ताह सहायक उत्पाद आयुक्त कार्यालय को देना आवश्यक है। निर्देश के अनुसार शनिवार और रविवार का फुटेज अनिवार्य रूप से भेजना होता है। अब यह जांच का विषय है कि क्या सभी संचालक समय पर फुटेज देते हैं और क्या अधिकारी उन फुटेज की सही ढंग से जांच भी करते हैं।

ब्लू प्रिंट के बिना चल रहे बार और लाउंज

पिछले वर्ष रांची के एक बार-रेस्तरां में हुई फायरिंग की घटना के बाद सभी प्रतिष्ठानों की छानबीन की गई थी। जांच में पाया गया कि 55 प्रतिष्ठानों में से करीब 11 संचालक स्वीकृत ब्लू प्रिंट प्रस्तुत नहीं कर सके। यानी लगभग 20 प्रतिशत बार और रेस्तरां के पास जरूरत के समय नक्शा मौजूद नहीं था, जबकि इसे परिसर में रखना जरूरी है।

Also Read रांची में फर्जी आरटीओ चालान लिंक से 4.28 लाख की साइबर ठगी, टाटीसिलवे निवासी ने दर्ज कराई शिकायत

Leave a Comment