Chakadharpur: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना में दर्ज कांड संख्या 06/2019 के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, चक्रधरपुर की अदालत ने अमृत बेंजामिन बोदरा को ठगी और जालसाजी का दोषी पाते हुए 1 वर्ष 6 माह के कारावास और 20 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
क्या है मामला
मिली जानकारी के अनुसार 23 मार्च 2019 को अमृत बेंजामिन बोदरा के खिलाफ धारा 406, 420 और 34 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस पर लोगों से धोखाधड़ी और जालसाजी कर रुपये ऐंठने का आरोप था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चाईबासा पुलिस ने आरोपी को जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के नगर चोरिया टोला लातमा, रांची से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान वैज्ञानिक और ठोस साक्ष्य जुटाए, जिसके आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत की सख्त टिप्पणी
मंगलवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि जालसाजी और ठगी समाज के लिए गंभीर खतरा है और ऐसे अपराधों पर सख्त सजा जरूरी है। इसके तहत जीआर-59/2025 के अंतर्गत धारा 403 भादवि में आरोपी को 1 साल 6 माह का कारावास और 20 लाख रुपये जुर्माने की सजा दी गई।
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