48 करोड़ का GST नोटिस सुनवाई के बाद सिमटा 98 हजार में, AT-DEV PRABHA को बड़ी राहत

By Shreya

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48 करोड़ का GST नोटिस सुनवाई के बाद सिमटा 98 हजार में, AT-DEV PRABHA को बड़ी राहत

Ranchi: गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) विभाग की ओर से वर्ष 2024 में मेसर्स AT-DEV PRABHA को जारी किया गया 48 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस सुनवाई के बाद मात्र 98 हजार रुपये की देनदारी में बदल गया। कंपनी द्वारा इस नोटिस को Adjudication में चुनौती दी गई थी, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कंपनी के पक्ष में फैसला आया।

कैसे जारी हुआ था 48 करोड़ का नोटिस?

AT-DEV PRABHA को BCCL से मिले विभिन्न कार्यों, भुगतान और टैक्स रिकॉर्ड का ऑडिट किया गया था। ऑडिट में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आईं, जिनमें समय पर टैक्स नहीं देना, गलत तरीके से Input Tax Credit (ITC) का लाभ लेना और कम GST भुगतान शामिल था। इसी आधार पर सक्षम अधिकारी ने कंपनी को 48 करोड़ रुपये का भारी-भरकम डिमांड नोटिस भेजा था।

ऑडिट में सामने आए प्रमुख बिंदु

  • जुलाई 2017 से मार्च 2023 तक टैक्स मद में 3.71 करोड़ रुपये का बकाया
  • निर्धारित समय सीमा के बाद भुगतान करने पर 27.14 लाख रुपये का सूद बकाया
  • Invoice देर से दाखिल करने पर 51.99 लाख रुपये की टैक्स देनदारी
  • इस टैक्स पर 79.49 हजार रुपये का सूद
  • कम GST भुगतान करने पर 4.31 करोड़ रुपये की देनदारी
  • गलत तरीके से 39.34 करोड़ रुपये का ITC लेने का आरोप

इन सभी आंकड़ों के आधार पर कुल देनदारी लगभग 48 करोड़ रुपये बताई गई थी।

Adjudication में बदली तस्वीर

कंपनी ने इस नोटिस को चुनौती दी और Adjudication के दौरान विस्तृत सुनवाई हुई। कंपनी के तर्कों को स्वीकार करते हुए अधिकारियों ने डिमांड नोटिस में लगाए गए अधिकांश आरोपों को खारिज कर दिया। इसके बाद कंपनी पर देनदारी नए सिरे से निर्धारित की गई।

सुनवाई के बाद तय देनदारी

  • IGST: 72,742 रुपये
  • CGST: 12,742 रुपये
  • SGST: 12,742 रुपये

कुल मिलाकर AT-DEV PRABHA पर 98,226 रुपये की ही देनदारी तय की गई और वसूली आदेश जारी किया गया।

अधिकारियों पर लगे आरोप और जांच

इस पूरे प्रकरण के दौरान GST अधिकारियों पर करदाताओं को परेशान करने के आरोप भी लगे। शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को जांच का सामना करना पड़ा है। इसके बाद भी कमिश्नर स्तर पर 98 हजार की देनदारी निर्धारित करने के फैसले के खिलाफ अपील का प्रावधान है। AT-DEV PRABHA के लिए यह फैसला बड़ी राहत साबित हुआ है। जहां कंपनी पर 48 करोड़ रुपये की देनदारी का खतरा था, वहीं सुनवाई के बाद यह घटकर केवल 98 हजार रुपये रह गया।

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