फर्जी वेबसाइटों से सावधान: नकली जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने वाले गिरोह सक्रिय, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

By Shreya

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Fake Weabsite:  देशभर में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़ा एक बड़ा साइबर फर्जीवाड़ा सामने आया है। कई नकली वेबसाइटें भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल की हूबहू नकल कर नागरिकों से पैसे वसूल रही हैं और नकली प्रमाणपत्र जारी कर रही हैं। प्रशासन ने जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है और स्पष्ट किया है कि इन वेबसाइटों का किसी भी सरकारी संस्था—भारत सरकार, राज्य सरकार, नगर निगम, नगर परिषद या पंचायत—से कोई संबंध नहीं है।

फर्जी वेबसाइटें ऐसे वसूल रही हैं पैसे
प्रशासन के अनुसार, इन नकली वेबसाइटों पर लोग जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आधार नंबर, OTP, मोबाइल नंबर और भुगतान जैसी संवेदनशील जानकारी दर्ज कर देते हैं। बदले में उन्हें नकली प्रमाणपत्र दे दिया जाता है, जिसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं होती। यह पूरा मामला साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।

कुछ फर्जी वेबसाइटों के उदाहरण

  • crsorgi.gov.in.jhgrow.org
  • crsorgi.gov.in.jhgrow.org/login.php
  • dc.crsorgi.gov.in.web.index.php.viewcert.co.in/login.php
  • crsorgi.goovi.in/login.php
  • crsorgi.gov.in.web.lndex.click/index.php
  • crsorgigoovi.xyz/web/index.php/auth/login.php
  • dc-crsorgi-gov-in.gov-crs.info/general-public
  • crsorgidc.co.in

प्रशासन ने बताया है कि और भी कई ऐसे संदिग्ध डोमेन सक्रिय हैं, इसलिए नागरिकों को स्वयं सतर्क रहने की आवश्यकता है।

जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र का एकमात्र सरकारी पोर्टल
देशभर में जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए केवल एक आधिकारिक वेबसाइट है:
https://dc.crsorgi.gov.in/
यही भारत सरकार का एकमात्र वैध पोर्टल है।

नकली प्रमाणपत्र कैसे पहचानें?

  • प्रमाणपत्र पर दिए गए QR कोड को स्कैन करें।
  • यदि लिंक https://dc.crsorgi.gov.in/ पर खुलता है, तो प्रमाणपत्र असली है।
  • यदि कोई अन्य लिंक खुले, एरर आए या लिंक न खुले—तो प्रमाणपत्र नकली है।

फर्जी प्रमाणपत्र बनाना या दिखाना अपराध
नकली प्रमाणपत्र बनवाने या उपयोग करने पर IPC और IT Act के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है। इसमें जेल, आर्थिक दंड और प्रमाणपत्र रद्द होने जैसी सजा शामिल है।
प्रशासन ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी अंजान वेबसाइट पर अपने आधार नंबर, OTP, मोबाइल नंबर या भुगतान से संबंधित जानकारी बिल्कुल साझा न करें।

धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत दें

  • कोई व्यक्ति या संस्था सरकारी प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर पैसे मांगे तो तुरंत नगर निगम, जिला प्रशासन या पुलिस को सूचना दें।
  • साइबर अपराध की शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

प्रशासन ने अपील की है कि डिजिटल सेवाओं का उपयोग करते समय नागरिक सावधानी बरतें और केवल सरकारी पोर्टल का ही उपयोग करें।

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