धर्मेंद्र का जीवन और करियर
धर्मेंद्र देओल का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के नसराली गांव में हुआ था। छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने फिल्म-जगत में अपनी पहचान बनाई और लगभग 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। उनकी पहली फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ (1960) थी, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी कुछ सबसे यादगार फिल्मों में शामिल हैं:
- शोले
- सीता और गीता
- मेरा गांव मेरा देश
- लोहा
न केवल हिंदी सिनेमा में, बल्कि पंजाबी फिल्मों में भी उनकी अदाकारी को खूब सराहा गया।
निधन की खबर और शोक की लहर
धर्मेंद्र कुछ दिनों पहले ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थे। इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन 24 नवंबर को उनकी तबीयत एकाएक बिगड़ गई। दोपहर में एंबुलेंस उन्हें घर ले जाते देखी गई, जिसके बाद उनके निधन की खबर ने बॉलीवुड और देश भर में शोक की लहर दौड़ा दी। फिल्ममेकर करण जौहर ने सोशल मीडिया पर लिखा — “यह एक युग का अंत है। एक बहुत बड़े मेगा स्टार… भारतीय सिनेमा का असली लीजेंड।”
अंतिम फिल्म और विरासत
धर्मेंद्र की एक फिल्म ‘इक्कीस’ अभी भी रिलीज़ होने वाली है, जो 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में आएगी। इस फिल्म में वे अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा के पिता का किरदार निभाएंगे। उनकी अदाकारी, अंदाज़ और करिश्मा नई पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने अपनी लंबी फिल्मी यात्रा में ‘हीमैन’ का दर्जा बनाए रखा और हर भूमिका में जान डाल दी। धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे — वे भारतीय सिनेमा के प्रतीक थे। उनकी मुस्कान, उनकी आवाज़, उनका अभिनय और उनकी विरासत हमेशा दिलों में रहेंगी। उनका जाना एक युग का अंत है, लेकिन उनकी यादें और उनकी कला सदैव जिंदा रहेंगी। उनके चाहने वाले और बॉलीवुड पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें याद कर रहे हैं।












