Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रविवार को भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ओएएम ने उनके आवासीय कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग, निवेश की संभावनाओं और खान सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुलाकात के दौरान हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ऑस्ट्रेलिया आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया।
ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर झारखंड
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल को झारखंड में उपलब्ध विशाल खनिज संसाधनों, निवेश-अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की विकास प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि झारखंड तेजी से श्रम आधारित अर्थव्यवस्था से ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हो रहा है और इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अहम भूमिका हो सकती है।
जनजातीय विकास पर साझा अनुभव
हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में भी बड़ी जनजातीय आबादी निवास करती है और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं और पहल की जा रही हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे झारखंड जैसे जनजातीय बहुल राज्य के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के अनुभवों के आदान-प्रदान से बेहतर नीतियां तैयार की जा सकती हैं।
खान सुरक्षा और पुनर्विकास पर जोर
बैठक में खान सुरक्षा, सुरक्षित खनन की आधुनिक तकनीकों और खनन के बाद भूमि पुनर्विकास की नीतियों पर भी गंभीर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया द्वारा अपनाए गए आधुनिक खनन मॉडल और स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड भी इसी तरह की नीति पर आगे बढ़ रहा है और दोनों पक्षों के अनुभव साझा होने से राज्य को काफी लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल में प्रोफेसर सुशान मार्क्स (इंटरनेशनल लॉ), टॉम सैंडरफोर्ड (फर्स्ट सेक्रेटरी) और अनघा (सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर, ऑस्ट्रेलियन कांसुलेट-जनरल, कोलकाता) शामिल थे।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने तथा निवेश, खनन, शिक्षा और अनुसंधान सहित विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।






