नई दिल्ली: मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार 13 और 14 दिसंबर को देश के कई हिस्सों में ठंड और शीतलहर का असर तेज हो सकता है। दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में तापमान गिरने की संभावना जताई गई है। वहीं 13 दिसंबर को मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के कुछ इलाकों में भी शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। विभाग का कहना है कि मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना के साथ-साथ दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा के कई क्षेत्रों में ठंडी हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं।
झारखंड में शीतलहर का असर
मौसम केंद्र रांची के अनुसार शनिवार सुबह धुंध का असर रहेगा और दिन व रात ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर जैसी स्थिति बनी रहेगी। इससे लोगों को ठंड अधिक महसूस होगी और रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। यह स्थिति करीब तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है। हालांकि 14 और 15 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने के आसार हैं।
दिल्ली में छाए रहेंगे बादल
दिल्ली के मौसम को लेकर IMD ने बताया कि 13 दिसंबर को राजधानी में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। सुबह और शाम के समय हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 23 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में कोहरे की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक 13 से 15 दिसंबर के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। वहीं पूर्वी यूपी में भी सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता घट सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।
बिहार के इन जिलों में चेतावनी
बिहार को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। पटना, भागलपुर, पूर्णिया, गया, आरा समेत राज्य के कई हिस्सों में घना कोहरा छाने का अनुमान है। सुबह और शाम सड़कों पर धुंध रहने से विजिबिलिटी कम हो सकती है, ऐसे में यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में कोहरे का असर
इसके अलावा मौसम विभाग ने बताया है कि 13 से 15 दिसंबर के बीच उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में सुबह घना से बेहद घना कोहरा देखने को मिल सकता है। 16 और 17 दिसंबर को पूर्वी यूपी में भी कोहरे की समस्या बनी रह सकती है। 13 से 18 दिसंबर के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में घना कोहरा छाने की संभावना है। वहीं 13 और 14 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश में भी कोहरे का असर देखने को मिल सकता है।
Also Read: शीतलहर का कहर: झारखंड में स्कूलों के समय बदलने की मांग






