धनबाद: कोयलांचल क्षेत्र में साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने अपना अभियान तेज कर दिया है। धनबाद सिटी एसपी ने बताया कि गोबिंदपुर स्थित ‘मां शांति गेस्ट हाउस’ में बाहर से आए साइबर ठगों के ठहरने और वहीं से ठगी का नेटवर्क चलाने की गुप्त सूचना मिली थी।
गेस्ट हाउस पर छापा, चार संदिग्ध हिरासत में
सूचना के आधार पर डीएसपी शंकर कामती के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गेस्ट हाउस पर छापा मारा और झारखंड व बिहार के रहने वाले चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने ठगी में प्रयुक्त एक सफेद कार और 13 एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए।
मोबाइल जांच में ठगी के नेटवर्क का खुलासा
पुलिस की तकनीकी टीम ने जब जब्त मोबाइल फोन की जांच की तो उनमें संदिग्ध लिंक, एपीके (APK) फाइलें और पैसों के लेन-देन से जुड़ी व्हाट्सएप चैट्स बरामद हुईं। जांच के दौरान एक मोबाइल नंबर को एनसीआरबी पोर्टल पर खंगाला गया, जहां इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में पहले से चार शिकायतें दर्ज होने की पुष्टि हुई।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पकड़े गए आरोपी लोगों को आकर्षक और झांसे भरे फोन कॉल करते थे। इसके बाद पीड़ितों के मोबाइल पर एक खतरनाक लिंक या मैसेज भेजा जाता था। जैसे ही कोई उस लिंक पर क्लिक करता, ठग उसके मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते थे। इसी माध्यम से वे बैंक खातों, ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बनाकर कुछ ही समय में पैसे निकाल लेते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजीत यादव, पवन कुमार मंडल, राहुल कुमार मंडल और विपिन कुमार पासवान के रूप में हुई है। ये सभी झारखंड और बिहार के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं और धनबाद को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाकर साइबर ठगी का गिरोह चला रहे थे।
न्यायिक हिरासत और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इनके बैंक खातों व वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
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