भारतीय आसमान में पायलटों की मांग तेज, एयरलाइंस ने भर्ती का गियर किया शिफ्ट

By Shreya

Published On:

Date:

भारतीय आसमान में पायलटों की मांग तेज, एयरलाइंस ने भर्ती का गियर किया शिफ्ट

New Delhi: देश के एविएशन सेक्टर में पायलटों की मांग तेजी से बढ़ रही है। बढ़ते विमान बेड़े और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियमों के चलते देश की प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों ने पायलटों की भर्ती की रफ्तार बढ़ा दी है। इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा जैसी एयरलाइंस अब बड़े स्तर पर हायरिंग की तैयारी में जुट गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो ने हर महीने करीब 100 पायलटों की भर्ती का आंतरिक लक्ष्य तय किया है। वहीं, अन्य एयरलाइंस भी अपने विस्तार और परिचालन जरूरतों के हिसाब से पायलटों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।

FDTL नियम बने भर्ती की बड़ी वजह

DGCA द्वारा लागू किए गए नए FDTL नियमों के बाद एयरलाइंस पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इन नियमों के तहत पायलटों की ड्यूटी अवधि, आराम के घंटे और उड़ान समय को लेकर सख्त प्रावधान किए गए हैं। इसके चलते कई एयरलाइंस के लिए मौजूदा पायलट संख्या अपर्याप्त साबित हो रही है।

दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो के रोस्टर संकट ने इस कमी को उजागर कर दिया था। इसके बाद रेगुलेटर DGCA ने इंडिगो को FDTL नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए 10 फरवरी 2026 तक की छूट दी है। हालांकि, इंडिगो किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता और समय रहते पायलटों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रहा है।

करीब 1000 नए पायलटों की भर्ती की योजना

सूत्रों के अनुसार, इंडिगो आने वाले समय में लगभग 1000 नए पायलटों की भर्ती करने की योजना पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में फ्लाइट कैंसिलेशन, देरी और विमानों के ग्राउंड होने जैसी स्थितियों से बचना है।

इंडिगो पहले ही 500 नए एयरक्राफ्ट का बड़ा ऑर्डर दे चुका है। इन विमानों के संचालन के लिए प्रशिक्षित पायलटों की उपलब्धता सुनिश्चित करना कंपनी की प्राथमिकता है। इसी रणनीति के तहत चरणबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

अन्य एयरलाइंस भी तेज कर रहीं भर्ती

एयर इंडिया ने भी अपनी भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई है। कंपनी 30 वर्ष तक की उम्र वाले युवा ट्रेनी पायलटों को अवसर दे रही है, ताकि भविष्य की जरूरतों को पहले से पूरा किया जा सके। वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा भी अपने विस्तार प्लान के अनुरूप पायलटों की संख्या बढ़ा रही हैं।

DGCA की सख्ती बढ़ी

रेगुलेटर DGCA अब पहले से ज्यादा सतर्क हो गया है। सभी एयरलाइंस से उनके एयरक्राफ्ट, दैनिक उड़ानों और पायलट क्रू का विस्तृत ब्योरा मांगा जा रहा है। मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नए FDTL नियमों के अनुसार हर एयरलाइन के पास पर्याप्त पायलट उपलब्ध हों।

सूत्रों का कहना है कि यदि किसी एयरलाइन में पायलटों की कमी पाई जाती है और समय रहते उसे दूर नहीं किया गया, तो DGCA फ्लाइट कटौती के निर्देश दे सकता है। इसका उद्देश्य यात्रियों को अनावश्यक उड़ान रद्द होने और लंबी देरी से बचाना है।

418 एयरक्राफ्ट के साथ देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो दिसंबर में हुई आलोचना के बाद अपनी साख सुधारने में जुटी है। कंपनी न तो जरूरत से ज्यादा पायलट रखना चाहती है और न ही पायलटों की कमी के कारण विमानों को ग्राउंड करना। इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए एयरलाइंस अब चरणबद्ध और योजनाबद्ध भर्ती रणनीति अपना रही हैं।

Also Read: राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का हुआ निरीक्षण

Leave a Comment