Ranchi: रांची शहर के प्रमुख जलाशयों और जल स्रोतों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस दिशा में मंगलवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर और जिले के विभिन्न जलाशयों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में कांके डैम, हटिया डैम, गेतलसूद डैम, हरमू नदी, हिनू नदी सहित जिले के अन्य तालाबों और जल स्रोतों पर हुए अतिक्रमण की जानकारी ली गई। अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई, लंबित मामलों और आगे की रणनीति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जलाशयों के आसपास किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों—राजस्व, नगर निगम, वन, जल संसाधन और पुलिस—को आपसी समन्वय के साथ तेज़ी से अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही जलाशयों की वास्तविक सीमा का सीमांकन कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने बताया कि जल स्रोतों का संरक्षण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अतिक्रमण के कारण न केवल जल भंडारण क्षमता प्रभावित होती है, बल्कि पर्यावरण संतुलन और भूजल स्तर पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य रांची जिले के सभी जलाशयों को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कर उनका संरक्षण और सौंदर्यीकरण करना है, ताकि भविष्य में जल संकट से निपटा जा सके।
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