Ranchi: राजधानी रांची में मादक पदार्थों, विशेषकर ब्राउन शुगर की बढ़ती बिक्री को लेकर झारखंड हाईकोर्ट गंभीर हो गया है। इसी मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई, जिसमें हाईकोर्ट ने राज्य में धड़ल्ले से हो रही ब्राउन शुगर की बिक्री पर कड़ी नाराजगी जताई।
मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि झारखंड में ब्राउन शुगर का फैलाव समाज के लिए गंभीर खतरा है और युवाओं को तेजी से इसकी लत लग रही है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर को तलब किया है। दोनों अधिकारियों को 19 दिसंबर को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।
ब्राउन शुगर झारखंड में आ कहां से रही है? हाईकोर्ट ने उठाया बड़ा सवाल
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की कि सबसे पहले यह पता लगाने की आवश्यकता है कि झारखंड में ब्राउन शुगर किस स्रोत से आ रही है। कोर्ट ने कहा कि राज्य के युवाओं को इस नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए राज्य पुलिस और NCB को मिलकर ठोस रणनीति बनानी होगी।
कोर्ट ने कहा, “मादक पदार्थों की बिक्री झारखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। सरकार और एजेंसियों को इसे रोकने के लिए कठोर और प्रभावी कदम उठाने होंगे।”
गंभीर हो चुकी है राजधानी की स्थिति
पिछले कई महीनों से रांची के विभिन्न इलाकों में ब्राउन शुगर के लगातार हो रहे कारोबार को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कई थाना क्षेत्रों में युवाओं के बीच इसकी लत तेजी से फैल रही है। कोर्ट ने इस स्थिति को “समाज के लिए बड़ा खतरा” बताया।
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