झारखंड में पेसा कानून लागू करने को मंजूरी, पंचायतों को मिलेगा ज्यादा अधिकार

By Neha

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झारखंड में पेसा कानून लागू करने को मंजूरी, पंचायतों को मिलेगा ज्यादा अधिकार

रांची: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य में पेसा कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है।  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पेसा नियमावली को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में इस कानून के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है।

ग्राम सभाओं को मिलेगी ज्यादा ताकत

कैबिनेट बैठक के बाद सचिव वंदना दादेल ने बताया कि पेसा नियमावली लागू होने से ग्राम सभाओं की भूमिका पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। नए प्रावधानों के तहत ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र में खनन, भूमि अधिग्रहण और वन भूमि से जुड़े मामलों में निर्णय लेने का वैधानिक अधिकार मिलेगा।

जमीन, खनिज और वन संसाधनों पर पंचायतों का नियंत्रण

पेसा कानून के तहत अब पंचायतों को जमीन और खनिज संसाधनों पर अधिक नियंत्रण प्राप्त होगा। ग्राम सभा न केवल खनन गतिविधियों पर निगरानी रखेगी, बल्कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में भी उसकी निर्णायक भूमिका होगी। साथ ही वन भूमि के प्रबंधन और उससे जुड़े अहम फैसलों में भी ग्राम सभा को अधिकार दिए गए हैं।

योजना निर्माण में ग्राम सभा की अहम भूमिका

नए नियमों में ग्राम सभाओं को प्राथमिकता दी गई है। विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पारंपरिक ग्राम सभाओं को मान्यता दी गई है और उन्हें अपनी परंपराओं को अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है। अधिसूचना जारी होते ही पेसा अधिनियम लागू हो जाएगा।

15 जिलों के अनुसूचित क्षेत्रों में लागू होगा पेसा एक्ट

राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून लागू किया जाएगा, जिसके दायरे में कुल 15 जिले आएंगे। इससे आदिवासी बहुल इलाकों में स्थानीय स्वशासन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट बैठक में 39 प्रस्तावों को मंजूरी

कैबिनेट की इस अहम बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में पदों के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी शामिल है, जिसके तहत शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक श्रेणी में 38 नए पद सृजित किए गए।

सड़क परियोजनाओं को भी मिली स्वीकृति

इसके अलावा दुमका में 7 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के लिए 31 करोड़ रुपये और जमशेदपुर में सड़क परियोजना के लिए 41 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं से बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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