रांची: झारखंड में शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना नहीं है। रविवार को इस मौसम का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। राज्य के कई हिस्सों में तापमान काफी नीचे चला गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
कई जिलों में रिकॉर्ड न्यूनतम तापमान
राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लोहरदगा में पारा गिरकर तीन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पलामू प्रमंडल और इसके आसपास के जिलों में पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी हवाओं का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम केंद्र के अनुसार, ठंड का यह दौर आगे भी जारी रहेगा। 25 दिसंबर तक राजधानी का न्यूनतम तापमान सात से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
कोहरे के कारण घटती विजिबिलिटी
रविवार को कोहरे का असर भी स्पष्ट रूप से नजर आया. राजधानी के एयरपोर्ट क्षेत्र में विजिबिलिटी लगभग 400 मीटर रही। जमशेदपुर में यह करीब 500 मीटर, डालटनगंज में 800 मीटर और देवघर में मात्र 200 मीटर दर्ज की गई। मौसम केंद्र के प्रभारी निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि अलग-अलग इलाकों में विजिबिलिटी में अंतर हो सकता है।
उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी की संभावना
अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों और उत्तर-पूर्वी हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बर्फबारी के साथ हिमपात की संभावना जताई गई है। वहीं, उत्तराखंड के कुछ इलाकों में 22 दिसंबर को ठंड और बढ़ सकती है।
पूर्वी भारत में तापमान का रुख
पंजाब, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश में 22 और 23 दिसंबर को भी ठंड का असर बना रहने की संभावना है। पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन इसके बाद चार दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक धीरे-धीरे गिरावट हो सकती है।
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