रांची: झारखंड सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 7,721.25 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया। यह बजट वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा सदन में प्रस्तुत किया गया। अनुपूरक बजट की विभिन्न मांगों पर चर्चा मंगलवार, 9 दिसंबर को होगी। इससे पहले मानसून सत्र में 25 अगस्त को सदन ने 4,296.62 करोड़ रुपए के पहले अनुपूरक बजट को ध्वनिमत से पारित किया था।
7,721.25 करोड़ रुपए पर लगी मुहर
सरकार के विभिन्न विभागों की ओर से लगभग 13,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त बजट मांगें भेजी गई थीं। इन प्रस्तावों की विभागवार समीक्षा, प्राथमिकताओं और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग ने इसे घटाकर 7,721.25 करोड़ रुपए पर अंतिम मुहर लगाई। इस अतिरिक्त राशि का उद्देश्य वित्तीय वर्ष के बचे हुए समय में प्रमुख योजनाओं को गति देना और राज्य व केंद्र स्तर पर लंबित भुगतानों का निपटारा करना है।

मंईयां सम्मान योजना को मिला विशेष महत्व
अनुपूरक बजट में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को सर्वाधिक प्राथमिकता दी गई है और इसके लिए सबसे बड़ी राशि आवंटित की गई है। इसके अलावा जारी और अधूरी विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए भी धनराशि रखी गई है। साथ ही गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को भी इस बजट में शामिल किया गया है।
Also Read: 14 दिसंबर से शुरू होगा सांसद खेल महोत्सव 2025, 21 दिसंबर को होगा समापन






