धनबाद: केंदुआ में जहरीली गैस रिसाव की घटना को छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन समस्या अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ पाई है। सोमवार को कुसुंडा एरिया गेस्ट हाउस परिसर में उस स्थान पर मिट्टी भरी गई, जहां से गैस की तेज दुर्गंध फैल रही थी।
रिसाव रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया
दोपहर करीब 12:30 बजे केंदुआ पाँच नंबर इमामबाड़ा के पास गैस प्रभावित स्थानीय लोग इकट्ठा हुए और प्रेसवार्ता कर अपनी चिंताएँ सामने रखीं। लोगों का कहना है कि बीसीसीएल प्रबंधन उन पर क्षेत्र छोड़ने का दबाव बना रहा है, जबकि उनकी प्राथमिकता गैस रिसाव रोकने की होनी चाहिए। आरोप लगाया गया कि घटना के छठे दिन भी रिसाव रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
गैस नहीं रोक गया तो जाम किया जाएगा
प्रभावित लोगों ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर बीसीसीएल ने गैस रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो पीबी एरिया के सभी खदानों में काम बंद करवा कर चक्का जाम किया जाएगा।
कई पीढ़ियों से यही रह रहे है
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पीढ़ियों से यहीं रह रहे हैं और बेलगड़िया में रहने की कोई सुविधा नहीं है। उनका कहना है कि लोगों को हटाने से गैस रिसाव नहीं रुकेगा, बल्कि जरूरत इस बात की है कि अंडरग्राउंड खदानों के पंखे चलाए जाएं ताकि भूमिगत गैस निकल सके।
जरेडा ने लोगों को समझाया
इस बीच, जरेडा की टीम बेलगड़िया और करमाटांड़ में बने क्वार्टरों व उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने पंपलेट और फॉर्म के साथ पहुंची, लेकिन लोग सहमत नहीं हुए।
प्रेसवार्ता से पहले बीसीसीएल प्रबंधन की टीम CISF के साथ केंदुआ पाँच नंबर इमामबाड़ा में चुना छिड़काव करने पहुंची थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें वापस लौटा दिया।
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