Ranchi: झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नई दिल्ली में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और केंद्र सरकार के आयुष एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में हेल्थ कॉटेज, आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेजों के सशक्तिकरण और सात AI हाईटेक मेडिकल लैब सहित कई बड़े प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति बनी।
बैठक के दौरान डॉ. अंसारी ने झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की और राज्य के लिए हेल्थ कॉटेज मॉडल, आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी, रिम्स व सदर अस्पताल में उच्चस्तरीय सुविधाओं और सभी मेडिकल कॉलेजों में AI आधारित लैब की स्थापना की मांग रखी। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में मजबूत स्वास्थ्य सुविधा सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने इन मांगों को उचित बताते हुए केंद्र के सहयोग का भरोसा दिलाया, लेकिन साथ ही पिछले 20 वर्षों में ऐसे प्रस्ताव न भेजे जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मांगें सही हैं, लेकिन यह भी जानना जरूरी है कि इतने समय तक विभाग क्या कर रहा था।”
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया कि हेल्थ कॉटेज के लिए राज्य सरकार को भूमि उपलब्ध करानी होगी और कुल लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा वहन करना होगा, जिसके बाद केंद्र 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा।
बैठक में यह भी तय हुआ कि झारखंड के सभी मेडिकल कॉलेजों, रिम्स, और सदर अस्पताल में AI तकनीक आधारित हाईटेक मेडिकल लैब स्थापित की जाएंगी। केंद्रीय मंत्री जाधव ने राज्य सरकार की तकनीकी और प्रशासनिक टीम को विस्तृत चर्चा के लिए दिल्ली आने का निमंत्रण दिया।
डॉ. अंसारी ने आश्वस्त किया कि वह जल्द ही अपनी पूरी टीम के साथ दिल्ली जाकर विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं चिकित्सक और मंत्री, दोनों रूपों में झारखंड के स्वास्थ्य सुधार को अपना मिशन मानता हूं। मेरा लक्ष्य है कि राज्य के गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ सकें।”
Also Read: झारखंड की बेटी शिवानी शर्मा का भारतीय सिनेमा से इंटरनेशनल रनवे तक का शानदार सफर






