साहेबगंज अवैध पत्थर खनन मामला: CBI का दायरा बढ़ा, अफसरों और राजनीतिज्ञों पर गिर सकती है गाज

By Shreya

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साहेबगंज अवैध पत्थर खनन मामला: CBI का दायरा बढ़ा, अफसरों और राजनीतिज्ञों पर गिर सकती है गाज

Sahebganj: साहेबगंज के नींबू पहाड़ में हुए अवैध पत्थर खनन मामले की जांच में बड़ा मोड़ आया है. CBI ने अब अपनी जांच का दायरा सिर्फ नामजद अभियुक्तों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि प्रभावशाली अफसरों और राजनीतिज्ञों तक भी बढ़ा दिया है. जांच के दौरान मिले ठोस सबूतों के आधार पर एजेंसी जल्द ही कई प्रमुख लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी में है.

कैसे शुरू हुई CBI जांच?

हाईकोर्ट के आदेश पर रांची सीबीआई ने विजय हांसदा द्वारा दर्ज प्राथमिकी संख्या 6/22 को दोबारा रजिस्टर कर प्रारंभिक जांच शुरू की थी. प्रारंभिक जांच के बाद CBI ने नवंबर 2023 में नियमित केस दर्ज किया. इस प्राथमिकी में आठ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था.

नामजद अभियुक्तों की सूची

  1. विष्णु प्रसाद यादव, पिता स्व. राज किशोर यादव
  2. पवित्र कुमार यादव, पिता स्व. राज किशोर यादव
  3. पंकज मिश्रा, पिता लक्ष्मीकांत मिश्रा
  4. राजेश यादव, पिता पशुपति नाथ यादव
  5. संजय कुमार यादव, पिता द्वारिका यादव
  6. बच्चू यादव, पिता राम नाथ यादव
  7. संजय यादव, पिता बलराम यादव
  8. सुवेश मंडल, मंगलहाट निवासी

इनमें से दाहू यादव को छोड़कर सभी जेल जा चुके हैं.

ED की जांच और दाहू यादव का फरार होना

ED इन नामजद अभियुक्तों पर पहले ही अपना आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है.
दाहू यादव पूछताछ के पहले चरण में उपस्थित हुआ, लेकिन बाद में पारिवारिक बीमारी का हवाला देकर समय मांगने के बाद से फरार है.

  • सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
  • जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया
  • लेकिन वह बीमारी का हवाला देकर बार-बार पेश होने से बचता रहा और अब तक लापता है

CBI की तेज हुई जांच: 20 ठिकानों पर छापेमारी

नियमित प्राथमिकी दर्ज होने के बाद CBI ने गति तेज की और कई बार साहेबगंज पहुंचकर:

  • अवैध खनन स्थल का निरीक्षण किया
  • स्थानीय लोगों से पूछताछ की
  • खनन कारोबारियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज किया

अवैध खनन से जुड़े लोगों के साहेबगंज, पटना और कोलकाता स्थित 20 ठिकानों पर छापेमारी की गई.

अफसरों के यहां भारी बरामदगी

CBI ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए साहेबगंज के तत्कालीन जिला खनन पदाधिकारी (DMO) के यहां भी छापेमारी की. यहां से:

  • 50 लाख रुपये के जेवरात
  • 1.5 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश दस्तावेज

बरामद किए गए.

अन्य ठिकानों से:

  • 60 लाख रुपये नकद
  • 1 किलो सोना
  • 9 mm की गोलियां

भी जब्त की गईं.

CBI की अगली कार्रवाई: अफसरों व राजनीतिक चेहरों को नोटिस

छापेमारी के दौरान पूछताछ में CBI को यह जानकारी मिली कि अवैध खनन में कई प्रशासनिक अधिकारी और कुछ राजनीतिक लोग भी संलिप्त थे और उन्होंने संरक्षण प्रदान किया.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार की याचिका खारिज होने के बाद अब CBI बिना किसी बाधा के कार्रवाई कर सकती है.
मौजूदा स्थिति में CBI जल्द ही:

  • अधिकारियों
  • प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों

को नोटिस जारी करने जा रही है.

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