Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने अपने आदेश का पालन समय पर नहीं करने पर डीसीएलआर पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि अगली तिथि तक जुर्माना जमा नहीं किया गया और आदेशों का अनुपालन नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारी को 7 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा।
जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अदालत ने अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आदेश जारी होने के एक साल से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में यह न्यायालय के आदेश की अवमानना का मामला है।
मामले की शुरुआत साल 1963 में हुई जमीन खरीददारी से जुड़ी है। देवकली देवी ने लालगुटवा मौजा में 43 डिसमिल जमीन खरीदी थी और उसका म्यूटेशन भी कराया गया था। लेकिन वर्ष 2000 में पुराने जमीन मालिक के कुछ रिश्तेदारों ने विवादित जमीन को धोखे से अजीत कुमार बरियार को बेच दिया।
हाईकोर्ट ने 11 जनवरी 2024 को अपने आदेश में अजीत कुमार बरियार के नाम जारी की गई दोहरी जमाबंदी को अमान्य घोषित कर दिया था। लेकिन इसके बाद भी जमीन के कागजात पर सुधार नहीं किए गए। इसी को लेकर देवकली देवी के पुत्र ने अवमानना याचिका दाखिल की थी।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने डीसीएलआर को 25 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट याचिकर्ता के नाम पर कोर्ट में जमा करने का निर्देश दिया है और चेतावनी दी है कि यदि आदेश नहीं माना गया तो 7 जनवरी को अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
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