521 करोड़ की ठगी के आरोपी चंदन भूषण सिंह से ईडी करेगी पूछताछ, PMLA कोर्ट ने 5 दिनों की रिमांड दी

By Shreya

Published On:

Date:

521 करोड़ की ठगी के आरोपी चंदन भूषण सिंह से ईडी करेगी पूछताछ, PMLA कोर्ट ने 5 दिनों की रिमांड दी

Jamshedpur: चिटफंड कंपनी के जरिए करीब 521 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपी चंदन भूषण सिंह से अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूछताछ करेगी। पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत ने ईडी को 5 दिनों की रिमांड की अनुमति दे दी है। इस दौरान ईडी आरोपी से ठगी से जुड़े पूरे नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और निवेश के ठिकानों की गहन पूछताछ करेगी।

आरोपी चंदन भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह फिलहाल जमशेदपुर जेल में बंद थे। ईडी द्वारा रिमांड की मांग किए जाने के बाद दोनों को पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश के अनुसार, 17 से 22 दिसंबर तक चंदन भूषण सिंह को ईडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। वहीं, आरोपी प्रियंका सिंह को 23 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

ईडी ने साकची थाना में दर्ज मूल केस को टेकओवर करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईसीआईआर (ECIR) दर्ज की है। इससे पहले ईडी ने 4 दिसंबर को रांची, जमशेदपुर, छत्तीसगढ़ समेत देश के कई हिस्सों में कुल 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

गौरतलब है कि 9 सितंबर 2025 को साकची थाना पुलिस ने चंदन भूषण सिंह और प्रियंका सिंह को कोडरमा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था, जब दोनों ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। दोनों के खिलाफ साकची थाना में 22 अप्रैल 2022 को करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

जांच में सामने आया है कि चंदन भूषण सिंह और प्रियंका सिंह मैक्सिज़ोन टच प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक हैं और मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं। आरोप है कि कंपनी ने 15 प्रतिशत ब्याज का लालच देकर करीब 10 हजार भोले-भाले निवेशकों से पैसे जमा कराए। शुरुआती तौर पर करीब 150 करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई थी, लेकिन रांची, हैदराबाद, छत्तीसगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत अन्य शहरों के निवेशकों को मिलाकर ठगी की कुल राशि 521 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

मैक्सिज़ोन कंपनी खुद को शेयर मार्केट, क्रिप्टो करेंसी और अन्य क्षेत्रों में निवेश कर मुनाफा कमाने वाली कंपनी बताती थी और उसी मुनाफे से निवेशकों को रिटर्न देने का दावा करती थी। अब ईडी की जांच का फोकस इस बात पर है कि ठगी की रकम कहां-कहां निवेश की गई, किन लोगों को फायदा पहुंचाया गया और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

Also Read: झारखंड में बढ़ी ठंड की मार, रांची का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री पहुंचा, गुमला दूसरे पायदान पर

Leave a Comment