रांची: झारखंड के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए वर्ष 2026 का एकीकृत अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया गया है। यह कैलेंडर प्राथमिक स्तर से लेकर प्लस टू उच्च विद्यालयों तक समान रूप से लागू होगा।
कुल 60 दिन की छुट्टियां, कुछ तिथियां जिलों पर निर्भर
झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) के अनुसार, वर्ष 2026 में स्कूलों में कुल 60 दिनों का अवकाश निर्धारित किया गया है। इनमें से पांच अवकाश की तिथि स्थानीय पर्व-त्योहार और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संबंधित जिला प्रशासन तय करेगा। इन अवकाशों की जानकारी अगले शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले जेसीईआरटी को देना अनिवार्य होगा।
मौसम के अनुसार छुट्टियों में बदलाव संभव
जेसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश की तिथियों में आवश्यकता पड़ने पर संशोधन किया जा सकता है।
उर्दू विद्यालयों और आयोजनों को लेकर दिशा-निर्देश
राज्य के उर्दू विद्यालयों में साप्ताहिक अवकाश शुक्रवार को रहेगा। सभी विद्यालयों में राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन अनिवार्य होगा। हालांकि राष्ट्रीय पर्वों को छोड़कर किसी भी अन्य अवसर पर रैली या प्रभात फेरी में विद्यार्थियों को शामिल नहीं किया जाएगा। विभागीय आदेश से यदि किसी विशेष दिवस या समारोह का आयोजन किया जाता है, तो उसे विद्यालय शिक्षण समय समाप्त होने के बाद अपराह्न तीन बजे के बाद ही आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी और सर्दी की छुट्टियों की तिथियां तय
अगले वर्ष राज्य के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 22 मई से 10 जून तक रहेगा। वहीं शीतकालीन अवकाश 28 दिसंबर से 31 दिसंबर तक निर्धारित किया गया है। इसके अलावा अगले माह स्कूलों में कुल 10 दिनों का अवकाश रहेगा।
अवकाश कैलेंडर में बदलाव की मांग
अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता नसीम अहमद ने जारी अवकाश कैलेंडर में सुधार की मांग की है। उन्होंने कहा कि 27 मई को पड़ने वाले बकरीद के अवकाश को गर्मी की छुट्टी में समायोजित कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने ईद-उल-फितर, दुर्गा पूजा और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के अवसर पर अवकाश बढ़ाने की मांग भी की है।
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