देश के 53 वें चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया बने जस्टिस सूर्यकांत, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

By Neha

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देश के 53 वें चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया बने जस्टिस सूर्यकान्त, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

नई दिल्ली: जस्टिस सूर्यकांत भारत के 53 वें  मुख्य न्यायाधीश बने। सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के द्वारा उन्हें शपथ ग्रहण कराया गया ।जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई के पद पर जस्टिस बीआर गवई की जगह ली। जस्टिस सूर्यकान्त का  कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा।

9 फरवरी, 2027 को होंगे रिटायर 

बता दे की जस्टिस गवई ने रविवार को 65 साल की उम्र में सीजेआई का पद छोड़ा। जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई का सीजेआई के तौर पर कार्यकाल 23 नवंबर, 2025 को समाप्त हो गया। वह साढ़े छह महीनों के लिए इस पद पर रहे। जस्टिस सूर्यकांत का सीजेआई के तौर पर कार्यकाल करीब डेढ़ साल का होगा। वह 9 फरवरी, 2027 को रिटायर होंगे।

सुप्रीम कोर्ट तक का सफर 

सीजेआई सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी, 1962 को हरियाणा के एक मिडिल क्लास परिवार में हुआ था। उन्होंने 1984 में हिसार से अपनी लॉ यात्रा शुरू की। सीजेआई सूर्यकांत ने 1981 में हिसार के गवर्मेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से ग्रेजुएशन की और फिर 1984 में लॉ में बेचलर की डिग्री ली। उन्होंने 1984 में रोहतक के महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने 1984 में हिसार में ही लॉ की प्रैक्टिस शुरू कर दी और 1985 में वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने लगे।

साल 2000 में वह हरियाणा के सबसे युवा एडवोकेट जनरल बने। साल 2011 में सीजेआई सूर्यकांत ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से लॉ में मास्टर्स किया, जिसे उन्होंने डिस्टिंक्शन के साथ ‘फर्स्ट क्लास फर्स्ट’ से पास किया। वह 2018 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए और इसके बाद 2019 में वह सुप्रीम कोर्ट के जज अपॉइंट किए गए।

सुप्रीम कोर्ट के कई बेंच का रहे है हिस्सा 

जस्टिस सूर्यकांत कई अहम फैसलों में सुप्रीम कोर्ट की बेंच का हिस्सा रह चुके हैं। अनुच्छेद 370 को रद करने से लेकर बिहार में SIR पर सुनवाई तक, जस्टिस सूर्यकांत ने कई बड़े फैसले सुनाए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को SIR के दौरान निकाले गए 65 लाख वोटरों की सूची जारी करने का आदेश दिया था।

पीएम मोदी भी रहे मौजूद  

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई समेत कई गणमान्य मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जस्टिस सूर्यकांत को भारत के प्रधान न्यायाधीश के पद पर पहुंचने की बधाई दी है।

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